- सिंहस्थ के लिए पुलिस को तैयार कर रहा प्रशासन: उज्जैन में पुलिस अफसरों की 21 दिन की खास ट्रेनिंग शुरू, 41 विषयों पर रहेगा फोकस; 117 अधिकारी बनेंगे “मास्टर ट्रेनर”
- उज्जैन में भस्म आरती में शामिल हुए बिहार के पूर्व डिप्टी CM विजय सिन्हा: नंदी हॉल में बैठकर किए दर्शन, महाकाल से मांगा आशीर्वाद
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती: त्रिपुण्ड, त्रिशूल और डमरू से सजे बाबा, गूंजी ‘जय श्री महाकाल’
- उज्जैन में तपिश का प्रकोप: 40-41°C पर अटका पारा, अगले 4 दिन में और बढ़ेगी गर्मी; स्वास्थ्य विभाग सतर्क, हीट मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर सख्ती: मुख्य सचिव ने कहा—समय से पहले पूरे हों काम, बारिश से पहले बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करें; मेडिसिटी, सड़क और पुल निर्माण की भी समीक्षा की
3 छोटी-छोटी कहानियां, ये किसी की भी सोच को दे सकती हैं एक नई दिशा
(1) भगवान बुद्ध का अंत समय आ चुका था। सभी शिष्य एकत्र हुए। अपने शिष्यों के लिए उनका अंतिम संदेश था। हे मित्रों। जब तक तुम सभी संयमी होकर मित्रभाव से रहोगे, एक साथ मिल बांट कर खाओगे और धर्म के रास्ते पर मिल कर चलोगे। तब तक बड़ी से बड़ी विपत्ति आने पर भी तुम नहीं हारोगे, लेकिन जिस दिन तुम संगठित न होकर बिखर कर रहने लगोगे, पराजित हो जाओगे। संगठन में अपार शक्ति है।
(2) इतिहास बताता है कि विश्व विजेता बनने के कगार तक पहुंचने वाले वीर नेपोलियन ने अपनी युवावस्था में लगातार आठ वर्ष तक लेखक बनने की कोशिश की। हर बार उसे असफलता हाथ लगी, उसने रणक्षेत्र में अपनी प्रतिभा आजमाने का निश्चय किया। एक साधारण सैनिक से जीवन आरंभ कर अपनी क्षमता, प्रतिभा व साहस के बल पर वह अपने देश का ही नहीं, अन्य देशों का भी भाग्य विधाता बन गया। किसी को भी असफलता मिलने पर निराश होकर बैठना नहीं चाहिए। किसी न किसी क्षेत्र में सफलता मिलेगी जरूर। बस प्रयासरत रहना चाहिए।